बीजापुर ब्रेकिंग-थाना चेरपाल के ग्राम पंचायत-पदेडा क्षेत्र वासियों का-CRPF जवानों व पुलिस प्रशासन पर बेवजह फर्जी केस में फंसाने की गंभीर आरोप
रिपोर्टर-रत्तू तेलम@बीजापुर।
बीजापुर- जिला मुख्यालय के ग्राम पंचायत-पदेडा थाना-चेरपाल की मामला सामने आ रहा है बीते दिन CRPF बटालियन सिविल पुलिस की गई कार्रवाई
इस प्रकार है- 8 जनवरी 2020 को इसी क्षेत्र में काम में लगे गाड़ियों की आगजनी नक्सलियों द्वारा की गई थी घटना को लेकर गश्त पर निकली पुलिस प्रशासन एवं सीआरपीएफ बटालियन के जवानों द्वारा एरिया सर्च के दौरान अपने घरों में सोए वे बेकसूर लोगों को उठाकर जबरदस्ती थाने में लाकर मारपीट के डरा धमकाकर इस घटना में शामिल होने जैसे गंभीर आरोप के साथ उन्हें जेल भेजा गया और बता दे इसमें एक राजू कोरसा नाम का व्यक्ति है जिसके नाम पर वारंट होने की बात कि पुलिस द्वारा वही माने तो क्षेत्रवासी व सरपंच के अनुसार राजू कोरसा अन्य कोई व्यक्ति था जिसकी मृत्यु हुई है उसके पिता का नाम का अंकित नहीं है जबकि या राजू कोरसा अलग हैइसी से आक्रोश लोग आज जिला मुख्यालय पहुँचकर 40-50 की तादाद में महिलाएं अपनी दूध मुई बच्चों के साथ नवनिर्वाचित सरपंच गुड्डू कोरसा ने अपने जेसीसीजे जिलाध्यक्ष चन्द्रैया सकनी ,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती जमुना सकनी के नेतृत्व में वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री शंकर कुडियम को साथ में लेकर जिला कलेक्टर के.डी.कुजांम के पास सीआरपीएफ वह पुलिस की कार्रवाई की शिकायत पीड़ित परिवार के लोगों के लोगों के साथ मिलकर ज्ञापन सौंपा इस तरह की घटना दोबारा ना हो इसके लिए सभी ने कलेक्टर महोदय को अवगत कराकर विनती किया जिस पर जिला कलेक्टर के द्वारा आश्वासन देकर बीजापुर एसपी दिव्यांग पटेल को इस संबंध में अवगत कराया जिस पर पूरी समस्या SP बीजापुर को मिलकर बताने की बात कही। जिला कार्यालय से फिर सभी लोग एक साथ पूरी घटना की जानकारी देने पुलिस अधीक्षक कार्यालय बीजापुर पहुँच बीते दिन की CRPF की कार्रवाई के बारे में अवगत कराते हुए उन महिलाओं ने ये आरोप पुलिस पर लगाया कि अचानक हमारे क्षेत्र में पुलिस द्वारा गस्त किया जाता है जो घर में मिले लोगों से मारपीट किया जाता है घर में रखे सामान पैसे लूट लिया जाता है बिना कोई अपराध के नक्सली कहकर डरा धमका के मारपीट कर क्षेत्र के अंतर्गत पिछले घटी घटनाओं में शामिल हो कर जबर्दस्ती मनवाया जाता और उस पर केस कर जेल भेजा जाता है। जिसके कारण उनके परिवार में बच्चे अनाथ होते हैं और कई पुलिस सीआरपीएफ डर से घर द्वार छोड़कर जंगलों की ओर भागते जिसमें इन काउंटरों में नक्सली समझकर उन्हें मार गिराया जाता है जिससे कई विधवा हुए जैसे गंभीर बातें ज्ञापन के माध्यम से कहकर आरोप लगाया जिस पर एसपी बीजापुर ने जांच करने की बात कही और क्षेत्र की भाषा से अंजान होना अन्य व्यक्तियों द्वारा आरोप में दूसरों का नाम लेना इस तरह की घटनाओं का मुख्य कारण है ऐसा शिकायत व आने वाले समय में ऐसी घटनाएं नहीं होगी और कहाँ कि पुलिस आप का है हमेशा आप कोई शिकायत हो तो हमसे संपर्क कर सकते हैं।हम आपके हर समस्या का समाधान करने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने आए हुए जनता को मंच चॉकलेट देकर सब को आश्वस्त करने की कोशिश की गई।



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