बीजापुर-गंगालूर लैंप्स में किसान लामबंद बारदाना नहीं तो टोकन नहीं पंजीकृत 228 किसान परेशान प्रशासन की ओर से कोई आश्वासन नहीं
रिपोर्टर-रत्तू तेलम@बीजापुर।
बीजापुर जिले के गंगालूर ग्राम पंचायत का मामला जहां क्षेत्र के पंजीकृत किसानों का धान लेने की कोई व्यवस्था नहीं पिछले कई दिनों से बीजापुर जिले के चारों ब्लॉक में किसानों की दशा दयनीय जहां प्रशासन एक तरफ समय पे बारदानों की पूर्ति करने की बात करती आ रही है अभी तक उपलब्ध उपलब्ध तो क्या टोकन भी कटना बंद किया किसानों को किसी भी तरह आश्वासन के अलावा कोई और विकल्प नहीं देते दिख रहा है जिसे लेकर सभी ब्लॉकों के किसान आक्रोश सरकार के रवैया से क्योंकि कांग्रेस सरकार बनने से पहले किसानों का सबसे बड़ी मुद्दा रखा था किसानों का दर्द अपना दर्द बताए थे।बड़े-बड़े कांग्रेस नेता चुनाव के होते परिणाम जीत के रूप में जैसा मिला वैसा ही लोगों को गुमराह झूठ बोलकर सभी वादों को भूल गई है या कहना था।गंगालूर क्षेत्र के लामबंद किसानों से जब हमने उनसे यह जानना चह कि प्रशासन की ओर से कोई जानकारी या कोई निर्णय के संबंध में कोई अधिकारी आप लोगों से बात किये अभी तक तो उनका साफ कहना था कि कई बार बारदाना टोकन की समस्याओं को लेकर जिला मुख्यालय आवेदन के माध्यम से छत्तीसगढ़ के मुख्य एवं जिला कलेक्टर को अवगत करा है उसके बावजूद भी समस्या जस की तस है राजनीति करण हो चुका है पूरी जानकारी दी और किसान रोड में आने को मजबूर गए तो कहां जाए जबकि पिछले कृषि ऋण के तौर पर सभी लोगों ने लोन ले रखा है और जितने लोन लिये अभी तक उतना का धान की खरीदी भी नहीं कि सरकार ने ऋण का पैसा किसान कैसे चुकता करे।या मौजूद एक किसान मुकेश हेमला ने जनता के साथ एक आवाज में कहाँ जब तक खरीदी नहीं होगा तब तक चक्काजाम करेंगे परमिशन दे या ना दे इन्हीं किसानों के समर्थन में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्षा जमुना सकनी एवं जेसीसीजे अध्यक्ष चन्द्रैया सकनी,सुनीता तिवारी,अंजू कुडियम,गुड्डू कोरसा व अन्य अपने कार्यकर्ताओं के साथ किसानों के साथ मांगे जब तक पूरी नहीं होंगे खड़े होने की बात कहते हुए आश्वासन दिया किसानों ने भी सरकार को कोसा।
बीजापुर जिले के गंगालूर ग्राम पंचायत का मामला जहां क्षेत्र के पंजीकृत किसानों का धान लेने की कोई व्यवस्था नहीं पिछले कई दिनों से बीजापुर जिले के चारों ब्लॉक में किसानों की दशा दयनीय जहां प्रशासन एक तरफ समय पे बारदानों की पूर्ति करने की बात करती आ रही है अभी तक उपलब्ध उपलब्ध तो क्या टोकन भी कटना बंद किया किसानों को किसी भी तरह आश्वासन के अलावा कोई और विकल्प नहीं देते दिख रहा है जिसे लेकर सभी ब्लॉकों के किसान आक्रोश सरकार के रवैया से क्योंकि कांग्रेस सरकार बनने से पहले किसानों का सबसे बड़ी मुद्दा रखा था किसानों का दर्द अपना दर्द बताए थे।बड़े-बड़े कांग्रेस नेता चुनाव के होते परिणाम जीत के रूप में जैसा मिला वैसा ही लोगों को गुमराह झूठ बोलकर सभी वादों को भूल गई है या कहना था।गंगालूर क्षेत्र के लामबंद किसानों से जब हमने उनसे यह जानना चह कि प्रशासन की ओर से कोई जानकारी या कोई निर्णय के संबंध में कोई अधिकारी आप लोगों से बात किये अभी तक तो उनका साफ कहना था कि कई बार बारदाना टोकन की समस्याओं को लेकर जिला मुख्यालय आवेदन के माध्यम से छत्तीसगढ़ के मुख्य एवं जिला कलेक्टर को अवगत करा है उसके बावजूद भी समस्या जस की तस है राजनीति करण हो चुका है पूरी जानकारी दी और किसान रोड में आने को मजबूर गए तो कहां जाए जबकि पिछले कृषि ऋण के तौर पर सभी लोगों ने लोन ले रखा है और जितने लोन लिये अभी तक उतना का धान की खरीदी भी नहीं कि सरकार ने ऋण का पैसा किसान कैसे चुकता करे।या मौजूद एक किसान मुकेश हेमला ने जनता के साथ एक आवाज में कहाँ जब तक खरीदी नहीं होगा तब तक चक्काजाम करेंगे परमिशन दे या ना दे इन्हीं किसानों के समर्थन में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्षा जमुना सकनी एवं जेसीसीजे अध्यक्ष चन्द्रैया सकनी,सुनीता तिवारी,अंजू कुडियम,गुड्डू कोरसा व अन्य अपने कार्यकर्ताओं के साथ किसानों के साथ मांगे जब तक पूरी नहीं होंगे खड़े होने की बात कहते हुए आश्वासन दिया किसानों ने भी सरकार को कोसा।

Comments