अधीक्षिका की लापरवाही से बीमार बच्चे पैदल हॉस्पिटल जाने को मजबूर ।

एक बच्ची के मौत के बाद भी अधीक्षिका की लापरवाही दस बीमार बच्चो को भेजा पैदल हॉस्पिटल ।

                     पैदल चलते-स्टूडेंट्स
    रिपोर्टर-रत्तू तेलम बीजापुर

बीजापुर :- जिलामुख्यालय में संचालित कन्या आवासीय रेसिडेंसियाल विद्यालय में दो दिन पहले कक्षा तीसरी में अध्ययनरत छात्रा नेहा वाचम की मौत के बाद भी अधीक्षिका द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। आवासीय विद्यालयो में आदिवासी बच्चे अध्ययन करने दूरस्थ गांव से पहुंचकर विद्या अध्ययन करते है उन्हें शासन द्वारा पर्याप्त सुविधा मुहैया कराया जाता है। इन सभी सुविधाओ के बाद भी आदिवासी छात्र-छात्राएं इससे महरूम होते है। मुख्यालय में  संचालित आवासीय विद्यालय के दस छात्राएं बीमार से पीड़ित होने के बावजूद भी तकरीबन दो किलोमीटर दूर पैदल चलकर जिला चिकित्सालय में ईलाज करवाते है। बीमार से पीड़ित रहने के बाद भी अधीक्षिका शबाना परवीन के द्वारा पैदल हॉस्पिटल भेजा जाता है। इन दस बीमार छात्राओ में कुछ ऐसे भी छात्राऐं है जो पैदल चलने में असमर्थ है। फिर भी इन बच्चों के स्वास्थय के साथ खिलवाड़ कर अधीक्षिका द्वारा बीमार बच्चो के लिए कोई वाहन की व्यवस्था नही कर पाना लापरवाही को साफ दर्शाता है । क्या वजह है कि इस आवासीय विद्यालय में दो दिन पहले एक मासूम छात्रा की मलेरिया से मौत के बाद भी संज्ञान में न लेकर कोताही बरती जा रही है ।


"" इस संबंध में जिला समन्वयक विजेन्द्र राठौर ने कहा कि जिला मुख्यालय में वाहन की व्यवस्था नही की गई है ,यह  जिम्मेदारी अधीक्षिका की   है।""

Comments

Popular posts from this blog

रायगढ़ के घरघोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम राएकेरा NTPC खुले आम उड़ा रहा 144 का धज्जिया घरघोड़ा प्रशासन मौन