वन परिक्षेत्र मे हमेशा से सुखिया मे रहा चहे हाथी हो य लकड़ी हो
- धरमजयगढ़ वनमंडल की छाल वन परिक्षेत्र में से छाल वन परिक्षेत्र हमेशा से सुर्खियां में रहा है चाहे यह गणेश हाथी के लिए हो या लकड़ी तस्करों के मामले में छाल रेंज में लकड़ी तस्कर इतने सक्रिय है कि दिन में जंगल अंदर लकड़ी काटकर इक्कट्ठा करके रखते है रात में उसे सप्लाइ्र्र करते है ।
छाल रेंज में बैठे अधिकारी कभी कभार मुखबीर की सुचना पर तस्कर को पकड़ तो लेते है लेकिन जंगल की कटाई को रोक नही पा रहे है जबकि पेड़ कटने से हमारे वातावरण एवं वन्य प्राणियों को परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही राजस्व की भी नुकसान उठानी पडती है। तस्करों को पकड़ने से पहले पेड़ की कटाई पर विशेष अभियान चलाया जाय तो कटाई रूकने के साथ वातावरण की भी बचाव हो सकता है
रविवार दोपहर को जंगल में देखा गया कि छाल रेंज आफिस से 3 किमी की दुरी एवं मेंन रोड से महज 20 मीटर की ही दुरी पर 512 आर एफ सागौन एवं बीजा प्रजाति की चार पेड़ काटकर गिराया गया है। जिसे तस्करो द्वारा बड़े ही सावधानी से छुपाया गया है तस्वीर में साफ दिखाई दे रहा है कि पेड़ को काटकर गिराया गया और सुखे पत्ते की झाडी को ढक दिया है जिसे किसी की नजर न पडे और मौका देख ट्रेक्टर गांव तक ले आते है। रात दिन जंगलो में चार पहिया वाहन फर्राटे भर रहे है उन्हें किसी का भी डर भय नही। गांव लाकर लकड़ी की कटाई चढ़ाई करके रात में इसकी सप्लाई करते है इधर छाल रेंज में अधिकारी अनभिग्यता जाहीर करते है।आज पेड़ों की कटाई से जंगली जानवारों रहने की व्यवस्था नही हो पा रहा है जिससे वन्य प्राणी गांव की तरफ रूख होने से जनधन को हानि पहुचा रहे है
राजेश चैहान वन परिक्षेत्र अधिकारी छाल - अभी तक मेंरे जानकारी में नही है इसके बारे में कुछ नही कह सकता जांच करके बताऊंगा।

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